खड़गे का आरोप: शिक्षा संस्थानों में मनुस्मृति समर्थकों की बढ़ोतरी, शूद्रों के पढ़ने के अधिकार पर संकट

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि देश के प्रमुख शिक्षा संस्थानों में मनुस्मृति समर्थकों की संख्या बढ़ रही है, जिससे शूद्रों के शिक्षा के अधिकार पर खतरा मंडरा रहा है।

खड़गे ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "शिक्षा का अधिकार किसी भी समाज का आधार होता है, और इसे छीनने की कोशिश चिंताजनक है।" उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रवृत्ति समाज में समानता और लोकतंत्र के मूलभूत सिद्धांतों के खिलाफ है।

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने खड़गे के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उनसे इस संबंध में सबूत प्रस्तुत करने की मांग की है। नड्डा ने कहा, "इस तरह के आरोप बेहद गंभीर हैं और इन्हें बिना ठोस सबूतों के नहीं लगाया जाना चाहिए। कांग्रेस को चाहिए कि वह अपने दावों को साबित करे।"

  • खड़गे के आरोप: शिक्षा में भेदभाव, मनुस्मृति समर्थकों का बढ़ना।
  • नड्डा की मांग: आरोपों के समर्थन में सबूत प्रस्तुत करें।
  • लोकतंत्र और समानता: शिक्षा के अधिकार की रक्षा की आवश्यकता।

इस मुद्दे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और इसके समाधान के लिए दोनों दलों के नेताओं के बीच बहस तेज हो गई है।

आखिरकार, शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकना न केवल सरकार का कर्तव्य है, बल्कि यह समाज के हर जागरूक नागरिक की जिम्मेदारी भी है।