जंतर-मंतर पर हिंसक प्रदर्शन: घायल पुलिसकर्मियों के परिजनों का आरोप, "छात्र नहीं, गुंडे थे"

हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रदर्शनकारी न तो छात्र थे और न ही शांतिप्रिय प्रदर्शनकारी, बल्कि वे गुंडे थे जिन्होंने हिंसा को अंजाम दिया।

घटनास्थल पर क्या हुआ?
  • प्रदर्शनकारी अचानक उग्र हो गए और उन्होंने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया।
  • पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
  • प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।

घायल पुलिसकर्मियों के परिजनों का कहना है कि वे पहले से ही प्रदर्शनकारियों की नीयत को लेकर चिंतित थे। एक परिजन ने कहा, "वे छात्र नहीं थे, उनके इरादे स्पष्ट रूप से हिंसक थे।"

प्रशासन की प्रतिक्रिया

प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की भी योजना बनाई जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

इस घटना ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है कि वह जल्द से जल्द दोषियों को पकड़कर न्याय करे।